Kisan Card / Farmer ID 2026/Agri Stack – Apply Online & Download Central Government

Short Info: Farmer ID (Annadata Card) किसानों को यूनिक पहचान देता है जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।

किसानों को सशक्त बनाने हेतु एकीकृत पहचान प्रणाली द्वारा लाभ वितरण को पारदर्शी बनाना, कृषि डेटा एकत्रित कर योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाना और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाना।

आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिएआवेदक किसान होना चाहिए (भूमिधारी या किरायेदार)राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसान होना आवश्यकआधार कार्ड अनिवार्य

सरकार की सभी किसान योजनाओं का एक ही Farmer ID से लाभसब्सिडी, बीमा, अनुदान, और ऋण आदि के लिए सरल आवेदनकृषि संबंधित पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहींपारदर्शी एवं ट्रैक करने योग्य लाभ वितरण प्रणालीOne Nation One Farmer ID की ओर एक कदम

आधार कार्ड
खसरा संख्या / भूस्वामि पुस्तिका
मोबाइल नंबर

ऑनलाइन आवेदन करें राज्य सरकार के कृषि विभाग की वेबसाइट (agristrack) पर

नजदीकी CSC / MP Online / जन सेवा केंद्र पर जाएंफॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करेंसफल आवेदन के बाद Farmer ID जनरेट होगीFarmer ID SMS/पोर्टल से प्राप्त करें और डाउनलोड करें

One Nation One Farmer ID की अवधारणा को पहली बार 2020 में चर्चा में लाया गया था, ताकि देश भर के किसानों का एक सेंट्रल डेटाबेस तैयार किया जा सके।
इसके तहत किसानों की डिजिटल पहचान (Farmer ID) बनाने की प्रक्रिया कई राज्यों में 2021 से शुरू हुई।

Farmer ID / अन्नदाता कार्ड किसानों के लिए एक डिजिटल पहचान है, जो सरकार की सभी कृषि योजनाओं, सब्सिडी और सुविधाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। चाहे किसान को पीएम किसान की किस्त मिल रही हो या नहीं, यह कार्ड बनवाना सभी किसानों के लिए आवश्यक है। भविष्य में सभी कृषि लाभ, सहायता और योजनाएं इसी एक पहचान पर आधारित होंगी। अतः हर किसान को इसे अवश्य बनवाना चाहिए।

राज्यपोर्टल लिंक
मध्य प्रदेश – रजिस्ट्रेशनMP Agristack
उत्तर प्रदेश – रजिस्ट्रेशनUP Agristack
छत्तीसगढ- रजिस्ट्रेशनCG Agristack
हरियाणा – रजिस्ट्रेशनHaryana Agristack
बिहार – रजिस्ट्रेशनBihar Agristack
राजस्थान – रजिस्ट्रेशनRajasthan Agristack
महाराष्ट्र – रजिस्ट्रेशनMaharashtra Agristack
गुजरात – रजिस्ट्रेशनGujarat Agristack
Official WebsiteAgristack Official Website

MP Bhulekh WebGIS 2.0: मध्य प्रदेश भूलेख, खसरा खतौनी, भू-नक्शा 2026

MP Bhulekh – मध्य प्रदेश शासन की एक उन्नत डिजिटल सेवा है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी भूमि से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेख ऑनलाइन देख सकते हैं। इस पोर्टल पर खसरा, खतौनी, बी-1, तथा भू-नक्शा जैसी आवश्यक जानकारियाँ सरल और पारदर्शी रूप में उपलब्ध कराई जाती हैं। WebGIS 2.0 तकनीक के माध्यम से भूमि का नक्शा और उससे जुड़ी विवरणात्मक जानकारी एकीकृत रूप में देखी जा सकती है, जिससे प्रक्रिया अधिक सटीक और सुगम बनती है। वर्ष 2026 में यह प्रणाली और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल तथा तेज़ सेवाओं के साथ नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।



नोट: हमारी वेबसाइट mpbhulekhportal.com केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। किसी भी प्रमाणिक/कानूनी कार्य हेतु हमेशा सरकारी (Official) पोर्टल का ही उपयोग करें।

  • भू-अभिलेख (Khasra/Khatauni)
  • भू-भाग/भूखंड नक्शा (Land Parcel Map / Village Map)
  • डिजिटल हस्ताक्षरित (Certified) कॉपी डाउनलोड करने की सुविधा
  • राजस्व/न्यायालय आदेश प्रतिलिपि, रिकॉर्ड रूम डॉक्यूमेंट, आदि
  • शिकायत (Grievance) दर्ज करना और स्टेटस ट्रैक करना
mp bhulekh
मुफ्त (Free) सेवाएँसशुल्क (Paid) सेवाएँ
साधारण भू-अभिलेख प्रतिलिपि (खसरा/खतौनी)प्रमाणित भू-अभिलेख प्रति डाउनलोड (Certified Copy Download)
साधारण ग्राम नक्शा (Village Map)प्रमाणित भू-नक्शा (Certified Copy of Village Map)
आबादी अधिकार अभिलेखराजस्व न्यायालय आदेश प्रतिलिपि (Revenue Court Order Copy)
व्यपवर्तित भूमि-राजस्व भुगतान (कुछ जानकारी/विवरण)अभिलेखागार/रिकॉर्ड रूम दस्तावेज प्रतिलिपि (Record Room Document Copy)
व्यवहार न्यायालय प्रकरण (Civil Court Case)भू-अधिकार पुस्तिका (Bhu-Adhikar Pustika)
दृष्टि बंधक (Hypothecation)व्यपवर्तन सूचना (Diversion Intimation)
अभिलेखागार प्रतिलिपि (Record Room Document – सूचना/विवरण)भू-राजस्व भुगतान (Revenue Payment)
RCMS ऑर्डरवॉलेट रिचार्ज (Wallet Recharge)
ट्रांज़ैक्शन विवरण (Transaction Details)भूमिस्वामी आधार e-KYC (Bhumiswami Aadhar E-KYC)

खसरा/खतौनी ऑनलाइन कैसे देखें? (Aplain/Uncertified Copy)

यदि आपको सिर्फ जानकारी देखनी है, तो आप साधारण (अप्रमाणित) भू-अभिलेख मुफ्त में देख सकते हैं।

स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

MP Bhulekh
  • “क्या आप भू-अभिलेख में खसरा खोजना चाहते हैं?” के नीचे “Yes” पर क्लिक करें।
MP bhu abhilekh
  • अब अपना जिला (District), तहसील (Tehsil), गाँव (Village) चुनें।
Bhu Abhilekh MP
  • इसके बाद आप नीचे दिए किसी एक तरीके से सर्च कर सकते हैं:
    • मालिक (Landowner) के नाम से
    • खसरा नंबर से
    • प्लॉट नंबर से
  1. Landowner वाला विकल्प चुनें।
  2. Select Landowner पर क्लिक करके अपना नाम चुनें।
  3. फिर Khasra No./Plot No. चयन करें।
  4. Captcha भरें और View Details पर क्लिक करें।
  5. Land Parcel Detail खोलें → दाईं ओर जाकर View Khatauni के नीचे Eye (देखें) आइकन पर क्लिक करें।
MPBhulekh Portal
  1. “खसरा नम्बर चुनिए” वाला विकल्प चुनें।
  2. Block/Khasra/Plot चयन करें।
  3. Captcha भरें → View Details
  4. Land Parcel Detail → View Khatauni के नीचे Eye आइकन
mpbhulekh
  1. Plot No. विकल्प चुनें।
  2. Select Plot में अपना प्लॉट चुनें।
  3. Captcha → View Details
  4. Land Parcel Detail → View Khatauni के नीचे Eye आइकन
Bhulekh MP
प्रकारक्या है?रजिस्ट्रेशन/फीस
साधारण (Uncertified) प्रतिकेवल जानकारी देखने/सामान्य उपयोग हेतुआमतौर पर नहीं
डिजिटल हस्ताक्षरित (Certified) प्रतिआधिकारिक कार्य/दस्तावेज़ी उपयोग हेतुहाँ, और शुल्क लागू

Certified copy के लिए Bhulekh mp पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन + लॉगिन जरूरी होता है।

webgis2
  • रजिस्ट्रेशन के बाद Login करें।
  • “भू-अभिलेख” विकल्प चुनें।
  • “क्या आप वर्तमान एवं पूर्व वर्ष के खसरा की डिजिटल हस्ताक्षरित प्रतिलिपि प्राप्त करना चाहते हैं?” पर YES करें।
mpbhulekh webgis2
  • अब आप Land Parcel Unique ID / ULPIN दर्ज करके रिकॉर्ड खोज सकते हैं।
  • रिकॉर्ड दिखने पर Bhu Abhilekh का प्रकार चुनें → प्रतिलिपि शुल्क देखें → भुगतान करके Certified Copy डाउनलोड करें।

ULPIN नंबर क्या होता है?

ULPIN (Unique Land Parcel Identification Number) एक 14 अंकों का यूनिक कोड है जो हर भूमि-खंड की अलग पहचान के लिए उपयोग होता है—यह जमीन के लिए एक तरह से “यूनिक आईडी” जैसा है।

MP Bhu Naksha (भू-नक्शा) WebGIS 2.0 पर कैसे देखें?

Bhu-Naksha-MP
  • पॉप-अप में विकल्प आएँगे:
    • ग्रामवार नक्शा देखना (Free)
    • भूखंड की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करना (Paid)
  • Free देखने के लिए पहला विकल्प चुनें
  • जिला → तहसील → गाँव चुनें
  • “नक्शा देखें” पर क्लिक करें
mp bhu naksha
  • स्क्रीन पर गाँव/भूमि का नक्शा दिख जाएगा

MP Bhulekh WebGIS 2.0 पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

कुछ Paid सेवाओं (Certified Copy आदि) के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

MP Bhulekh Registration
  • General Information और Communication Information भरें
  • Submit करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें
Register-as-a-Public-user
  1. Login ID और Password दर्ज करें
  2. Department चुनें
  3. Captcha भरें
  4. Submit पर क्लिक करें
  • भूमि राजस्व भुगतान से जुड़ी सेवाएँ
  • भू-नक्शा/कैडस्ट्रल मैप देखना
  • बंदोबस्त खतौनी (स्कैन) देखना
  • खसरा-खतौनी की Certified कॉपी
  • ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना और ट्रैक करना
  • राजस्व न्यायालय आदेशों की प्रतिलिपि (जहाँ उपलब्ध)
  • बंधक प्रॉपर्टी सूची/हाइपोथिकेशन जानकारी
  • डायवर्सन (भूमि उपयोग परिवर्तन) से संबंधित अपडेट/सूचना
  1. पोर्टल पर लॉगिन करें
  2. “बंदोबस्त खतौनी (स्कैन)” विकल्प चुनें
  3. आवश्यक जानकारी भरें: जिला, तहसील, गाँव, अभिलेख, खसरा नंबर, पृष्ठ क्रमांक आदि
  4. Captcha भरें → “विवरण देखें” पर क्लिक करें
  5. स्क्रीन पर रिकॉर्ड दिख जाएगा
  1. Official वेबसाइट पर Grievance विकल्प खोलें
Grievance
  1. विवरण भरें:
    • नाम, मोबाइल, ईमेल
    • आवेदन/समस्या का प्रकार
    • समस्या का विवरण
    • जिला/तहसील/गाँव/खसरा नंबर/पता
  2. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
  3. मोबाइल वेरिफिकेशन के बाद शिकायत सबमिट करें
  4. बाद में आप शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं

नीचे मध्य प्रदेश के सभी जिलों की सूची दी गई है। आप इन जिलों के भूलेख, खसरा, खतौनी और भू-नक्शा विवरण MP Bhulekh पोर्टल पर ऑनलाइन देख सकते हैं।

सूची 1सूची 2
Indore (इंदौर)Datia (दतिया)
Jabalpur (जबलपुर)Satna (सतना)
Gwalior (ग्वालियर)Dewas (देवास)
Bhopal (भोपाल)Sehore (सीहोर)
Anuppur (अनूपपुर)Dhar (धार)
Mandsaur (मंदसौर)Seoni (सिवनी)
Ashok Nagar (अशोकनगर)Dindori (डिंडोरी)
Morena (मुरैना)Shahdol (शहडोल)
Balaghat (बालाघाट)Guna (गुना)
Narsinghpur (नरसिंहपुर)Shajapur (शाजापुर)
Barwani (बड़वानी)Alirajpur (अलीराजपुर)
Neemuch (नीमच)Sheopur (श्योपुर)
Betul (बेतूल)Harda (हरदा)
Niwari (निवाड़ी)Shivpuri (शिवपुरी)
Bhind (भिंड)Hoshangabad (होशंगाबाद)
Panna (पन्ना)Sidhi (सीधी)
Mandla (मंडला)Agar Malwa (आगर मालवा)
Raisen (रायसेन)Singrauli (सिंगरौली)
Burhanpur (बुरहानपुर)Khargone (खरगोन)
Rajgarh (राजगढ़)Tikamgarh (टीकमगढ़)
Chhatarpur (छतरपुर)Jhabua (झाबुआ)
Ratlam (रतलाम)Ujjain (उज्जैन)
Chhindwara (छिंदवाड़ा)Katni (कटनी)
Rewa (रीवा)Umaria (उमरिया)
Damoh (दमोह)Khandwa (खंडवा)
Sagar (सागर)Vidisha (विदिशा)
विवरणजानकारी
कार्यालयआयुक्त भू-अभिलेख, मध्य प्रदेश शासन
पताराजस्व भवन, नाका चन्द्रबदनी, नीडम रोड, ग्वालियर (म.प्र.) – 474009
टोल फ्री18002030311
ईमेलsupport.gis@begl.org.in

Q1. MP Bhulekh Portal क्या है?

MP Bhulekh मध्य प्रदेश का आधिकारिक ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड पोर्टल है, जहाँ खसरा, खतौनी, नक्शा आदि देखे जा सकते हैं।

Q2. क्या खसरा-खतौनी देखने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है?

साधारण (Free) जानकारी देखने के लिए सामान्यतः रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं होता।

Q3. Certified (डिजिटल हस्ताक्षरित) कॉपी कब चाहिए?

जब दस्तावेज़ को सरकारी/आधिकारिक कार्य में जमा करना हो, तब Certified copy उपयोगी होती है।

Q4. Certified copy कैसे मिलेगी?

रजिस्ट्रेशन + लॉगिन के बाद, रिकॉर्ड चुनकर निर्धारित शुल्क का भुगतान करके डाउनलोड किया जा सकता है।

Q5. ULPIN क्या है?

ULPIN 14 अंकों का यूनिक लैंड पार्सल आईडी नंबर है, जिससे जमीन की यूनिक पहचान होती है।

Q6. क्या भू-नक्शा ऑनलाइन देखा जा सकता है?

हाँ, “Land Parcel Map/भू भाग नक्शा” विकल्प से ग्रामवार नक्शा देखा जा सकता है।

Q8. क्या यह पोर्टल सुरक्षित है?

यह मध्य प्रदेश सरकार का आधिकारिक पोर्टल है। फिर भी किसी भी भुगतान/लॉगिन से पहले URL (webgis2.mpbhulekh.gov.in) जरूर जांचें।

About Us

यह वेबसाइट किसी भी सरकारी संस्था या विभाग द्वारा संचालित नहीं की जाती है। यह एक स्वतंत्र और सूचनात्मक मंच है, जिसका उद्देश्य मध्य प्रदेश के नागरिकों को MP Bhulekh, खसरा, खतौनी तथा भू-नक्शा से संबंधित आवश्यक एवं उपयोगी जानकारी सरल और स्पष्ट रूप में उपलब्ध कराना है।

Helpdesk No. (09:45 AM – 06:15 PM) : 18002030311 (Toll Free) | Email: support.gis@begl.org.in

MP e-Token Portal

MP e-Uparjan 2026: किसान पंजीयन, MSP खरीदी, टोकन और भुगतान की पूरी जानकारी – Madhya Pradesh

– MP e-Uparjan 2026 – Farmer registration – MSP purchase details – Token information – Payment process

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, मध्यप्रदेश शासन,

Farmers Welfare and Agriculture Development Department


MP e-Uparjan मध्यप्रदेश सरकार की एक ऑनलाइन प्रणाली है, जिसके जरिए किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की सरकारी खरीदी की जाती है। इसमें किसान ऑनलाइन पंजीयन, टोकन (तिथि/केंद्र) और सीधे बैंक खाते में भुगतान (DBT) की सुविधा पाते हैं। यह व्यवस्था मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित है।

समय पर  उर्वरक उपलब्ध कराना: किसानों को उनकी भूमि और फसल की आवश्यकता के अनुसार सही समय पर खाद प्रदान करना।

परीक्षा फॉर्म

पारदर्शिता लाना: वितरण प्रणाली को डिजिटल बनाकर भ्रष्टाचार, कालाबाज़ारी और असमान वितरण को समाप्त करना।

वास्तविक आवश्यकता पर आधारित वितरण: भूमि अभिलेख और मौसमवार फसल पैटर्न के आधार पर उर्वरक की मांग और आपूर्ति का निर्धारण करना।


रियल-टाइम निगरानी (Real-Time Monitoring): उत्पादन इकाई से लेकर खुदरा विक्रेता तक उर्वरक के आवागमन की निरंतर निगरानी करना।

निर्णय प्रक्रिया को सशक्त बनाना: उच्चाधिकारियों को सटीक रिपोर्टिंग और डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से बेहतर निर्णय लेने में सहायता देना।

प्रणाली में जवाबदेही (Accountability): हर स्तर पर रिकॉर्ड-आधारित कार्यप्रणाली से जिम्मेदारी तय करना।


  • राज्य का निवासी होना आवश्यक है: केवल मध्यप्रदेश के स्थायी निवासी किसान ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
  • कृषक पंजीयन अनिवार्य: किसान का नाम MP किसान पोर्टल या समग्र ID डेटाबेस में पंजीकृत होना चाहिए।
  • भूमि स्वामी या पट्टेदार: किसान स्वयं की भूमि का स्वामी हो या पट्टे (lease/tenant) पर भूमि लेकर खेती करता हो।
  • फसल विवरण अपडेट हो: किसान की फसल जानकारी और मौसमवार खेती का विवरण पोर्टल पर सही रूप से दर्ज होना चाहिए।
  • आधार और मोबाइल लिंक: किसान का आधार नंबर और मोबाइल नंबर पोर्टल में लिंक होना चाहिए ताकि SMS द्वारा ई-टोकन प्राप्त किया जा सके।
  • उर्वरक की वास्तविक आवश्यकता: केवल वही किसान ई-टोकन प्राप्त कर सकता है जिसके नाम पर पंजीकृत फसल के लिए उर्वरक आवश्यक है।
  • बैंक खाता (ऐच्छिक): भविष्य के किसी भी सब्सिडी या भुगतान हेतु किसान के पास सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए।

किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता: भूमि और फसल के आधार पर टोकन जारी होने से उर्वरक समय पर और आवश्यक मात्रा में मिलता है।

लाइन और भीड़ से मुक्ति: किसान पहले से ई-टोकन लेकर सीधे निर्धारित दिन पर उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं — जिससे समय की बचत होती है।

पारदर्शी वितरण प्रक्रिया: हर लेन-देन ऑनलाइन रिकॉर्ड होता है, जिससे कालाबाज़ारी और डुप्लिकेट वितरण की संभावना समाप्त होती है।

रियल-टाइम ट्रैकिंग: उर्वरक का आवागमन उत्पादन इकाई से लेकर खुदरा विक्रेता तक रियल-टाइम में ट्रैक किया जा सकता है।

डेटा-आधारित निर्णय: पोर्टल से उपलब्ध रिपोर्ट और डैशबोर्ड से उच्चाधिकारियों को सटीक निर्णय लेने में सहायता मिलती है।

डिजिटल सशक्तिकरण: किसान अब मोबाइल ऐप या पोर्टल से ई-टोकन जनरेट कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक हो जाती है।

जवाबदेही और नियंत्रण: वितरण प्रणाली में जवाबदेही तय होती है — जिससे हर स्तर पर निगरानी और नियंत्रण आसान होता है।

अन्य विभागों के साथ समन्वय: मार्कफेड, एमपी एग्रो, PACS और निजी विक्रेताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होता है।


🔸MP e-Token System 2026 के लिए आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)

आधार कार्ड
किसान आई डी
खसरे की जानकारी
मोबाईल नंबर

① 🌐 आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
👉 etoken.mpkrishi.org/OFRDHome/home

② 🔐 “ई-टोकन / लॉगिन” विकल्प पर क्लिक करें
👉 लॉगिन पेज खुल जाएगा

③ 🆕 नए उपयोगकर्ता पंजीकरण करें
👉 “ट्रस्ट/पट्टा/अन्य किसानों का पंजीयन” चुनें

④ 🪪 आवश्यक जानकारी भरें
👉 आधार नंबर, समग्र ID और मोबाइल नंबर दर्ज करें

⑤ 🌾 भूमि व फसल विवरण दर्ज करें
👉 सही सीजन और खेती क्षेत्र की जानकारी भरें

⑥ 📲 OTP सत्यापन करें
👉 मोबाइल पर आए OTP को दर्ज कर Verify करें

⑦ 🎟️ ई-टोकन जनरेट करें
👉 “ई-टोकन जनरेट करें” पर क्लिक करें

⑧ 📥 ई-टोकन डाउनलोड करें
👉 PDF डाउनलोड करें या SMS में सुरक्षित रखें

⑨ 📅 निर्धारित तिथि पर केंद्र जाएं
👉 अधिकृत विक्रेता केंद्र पर समय से पहुंचे

⑩ 🧾 उर्वरक प्राप्त करें
👉 ई-टोकन + पहचान पत्र दिखाकर खाद प्राप्त करें


MP e-Token System 2026 मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा शुरू की गई एक आधुनिक डिजिटल पहल है। 🌐

इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य है कि किसानों को उनकी भूमि, फसल और सीजन की आवश्यकता के अनुसार समय पर, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से उर्वरक (खाद) उपलब्ध कराया जा सके। 🌾

👉 इस व्यवस्था के माध्यम से:

  • ⏱️ लंबी लाइनों और भीड़ से राहत मिलती है
  • 🎯 सही समय पर खाद वितरण सुनिश्चित होता है
  • 🔍 पारदर्शिता और निगरानी बढ़ती है
  • 📲 डिजिटल प्रक्रिया से आसानी और सुविधा मिलती है

निष्कर्ष रूप में, यह प्रणाली किसानों के लिए एक स्मार्ट, सुविधाजनक और भरोसेमंद समाधान है, जो कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को मजबूत बनाती है। 💡

Important LinksAction
ई-विकास प्रणालीGenerate e-Token
Services MPGenerate e-Token
MP KrishiGenerate e-Token
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Official WebsiteMP e-Token Official Website

Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana 2026 – Madhya Pradesh

सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश शासन

Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana 2026 – Madhya Pradesh


यह मध्यप्रदेश सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब, निराश्रित और कमजोर  परिवारों की बेटियों, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं के विवाह/निकाह के लिए आर्थिक सहायता देना है। इस योजना के तहत सामूहिक विवाह आयोजित किए जाते हैं और लगभग ₹55,000 तक की सहायता प्रदान की जाती है। पात्रता में मध्यप्रदेश का निवासी होना, कन्या की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष होना आवश्यक है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक खाता, निवास प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज जरूरी होते हैं। इच्छुक आवेदक ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत तथा शहरी क्षेत्र में नगर निगम/नगर पालिका में आवेदन जमा कर सकते हैं, जहां सत्यापन के बाद योजना का लाभ प्रदान किया जाता है।

  • गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करना
  • निराश्रित, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं के विवाह/पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करना
  • श्रमिक एवं कमजोर वर्ग के परिवारों को सहयोग देना
  • सामूहिक विवाह को बढ़ावा देकर खर्च कम करना
  • समाज में सम्मानजनक एवं सुरक्षित विवाह व्यवस्था सुनिश्चित करना
  • योजना की शुरुआत : वर्ष 2006
  • अक्षय तृतीया : 19 अप्रैल 2026
  • देवउठनी ग्यारस (तुलसी विवाह) : 20 नवंबर 2026
  • बसंत पंचमी : 11 फरवरी 2027
  • अतिरिक्त तिथि : स्थानीय मांग एवं कलेक्टर के निर्णय अनुसार

  • 🏠 कन्या या उसके अभिभावक मध्यप्रदेश के मूल निवासी हों
  • 🎂 विवाह के समय: कन्या की आयु कम से कम 18 वर्ष एवं वर की आयु कम से कम 21 वर्ष
  • 📋 समग्र पोर्टल पर नाम पंजीकृत होना आवश्यक है
  • 💰  परिवार गरीब / निर्धन / कमजोर वर्ग से संबंधित हो
  • 👩‍🦰 योजना का लाभ कन्या, विधवा एवं परित्यक्ता महिला को दिया जाता है

💵 ₹49,000 की आर्थिक सहायता सीधे कन्या को गृहस्थी बसाने के लिए दी जाती है

🏛️ ₹6,000 आयोजन खर्च सामूहिक विवाह कराने वाली संस्था (नगर निकाय/पंचायत) को दिया जाता है

🎁 सामूहिक विवाह में आवश्यक व्यवस्था (मंच, भोजन आदि) सरकार द्वारा कराई जाती है

👩‍🦰 गरीब, निराश्रित, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को भी योजना का लाभ मिलता है

🏦 सहायता राशि Account Payee Cheque / DBT के माध्यम से सीधे खाते में दी जाती है

आधार कार्ड (वर एवं वधू दोनों के)
जन्म प्रमाण पत्र / अंकसूची (वर एवं वधू दोनों की)
समग्र आईडी (वर एवं वधू दोनों की)
निवास प्रमाण पत्र (वर एवं वधू दोनों की)
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
बैंक खाता विवरण (लड़की के नाम से)
पासपोर्ट साइज फोटो (दूल्हा-दुल्हन)
मोबाइल नंबर
📌 विशेष स्थिति में अतिरिक्त दस्तावेज
विधवा होने परपूर्व पति का मृत्यु प्रमाण पत्र
तलाकशुदा होने परतलाक प्रमाण पत्र
श्रमिक होने परश्रमिक पंजीयन कार्ड

🟢 1. आवेदन फॉर्म प्राप्त करें
👉 ग्राम पंचायत / नगर निकाय से आवेदन फॉर्म लें।

🔵 2. फॉर्म भरें
👉 फॉर्म में सभी आवश्यक व्यक्तिगत जानकारी सावधानी से भरें।

🟡 3. समग्र आईडी जांचें
👉 अपनी समग्र आईडी और पात्रता की सही जांच करें।

🟠 4. दस्तावेज संलग्न करें
👉 सभी जरूरी दस्तावेज (आधार, आय प्रमाण पत्र आदि) फॉर्म के साथ लगाएं।

🔴 5. फोटो लगाएं
👉 पासपोर्ट साइज फोटो फॉर्म में चिपकाएं।

🟣 6. फॉर्म जमा करें
👉 भरा हुआ आवेदन संबंधित कार्यालय में जमा करें।

🟢 7. ग्रामीण सत्यापन
👉 ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत द्वारा सत्यापन किया जाएगा।

🔵 8. शहरी सत्यापन
👉 शहरी क्षेत्र में नगर निगम / नगर पालिका द्वारा जांच की जाएगी।

🟡 9. स्वीकृति प्रक्रिया
👉 पात्र पाए जाने पर आवेदन को स्वीकृति दी जाएगी।

🔴 10. योजना का लाभ लें
👉 सामूहिक विवाह में शामिल होकर योजना का लाभ प्राप्त करें।


नोट: सभी जानकारी सही और पूर्ण भरना बहुत जरूरी है, वरना आवेदन निरस्त हो सकता है।

यह मध्यप्रदेश सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब, निराश्रित और कमजोर परिवारों की बेटियों, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं के विवाह/निकाह के लिए आर्थिक सहायता देना है। इस योजना के तहत सामूहिक विवाह आयोजित किए जाते हैं और लगभग ₹55,000 तक की सहायता प्रदान की जाती है। पात्रता में मध्यप्रदेश का निवासी होना, कन्या की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष होना आवश्यक है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक खाता, निवास प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज जरूरी होते हैं। इच्छुक आवेदक ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत तथा शहरी क्षेत्र में नगर निगम/नगर पालिका में आवेदन जमा कर सकते हैं, जहां सत्यापन के बाद योजना का लाभ प्रदान किया जाता है।